गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है

गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है
गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है

गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है

क्या आप जानते है, गणेश चतुर्थी क्यों मनाते है? काफी लोंगो को शायद ना पता हो. कोई बात नहीं आज में आपको इस आर्टिकल में इसका जवाब दे दूंगा. तो चलिए शुरू करते है –

गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi), जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, ये एक हिंदू त्योहार है जो कैलाश पर्वत से अपनी मां देवी पार्वती के साथ गणेश जी के पृथ्वी पर आगमन का जश्न के तोर पे मनाया जाता है.

गणेश चतुर्थी कैसे मनाई जाती है

यह त्योहार निजी तौर पर घरों में, या सार्वजनिक रूप से विस्तृत गणपती पंडालों में गणेशजी के मिट्टी की मूर्तियों की स्थापनाकर किया जाता है. गणेश चतुर्थी में वैदिक भजनों और हिंदू ग्रंथों कि प्रार्थना जप और व्रत (उपवास) रखना का शामिल है.

दैनिक प्रार्थना मे हर दिन अलग अलग प्रकार के प्रसाद पंडाल से समुदाय को वितरित किए जाते हैं, जिसमे मोदक जैसी मिठाइयाँ शामिल हैं, क्योंकि यह भगवान गणेश का पसंदीदा पदार्थ माना जाता है.

गणेश चतुर्थी कितने दिनो तक मनाई जाती है

गणेश उत्सव शुरू होने के दसवें दिन ज्यादा तर जगह समाप्त हो जाता है, जब मूर्ति को एक सार्वजनिक और पंडालों के जुलूस में संगीत और सामूहिक जप के साथ ले जाया जाता है.

फिर पास के पानी के स्रोत जैसे नदी या समुद्र या फिर कुवे में विसर्जित किया जाता है. अकेले मुंबई में, प्रतिवर्ष लगभग 100,000 से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है.

इसके बाद मिट्टी की मूर्ति पानी मे मिलके विसर्जित हो जाती है, और माना जाता है कि गणेश भगवान कैलाश पे मा पार्वती और पिता भगवान शिव के पास लौट जाते हैं.

यह त्यौहार भगवान गणेश को नई शुरुआत के देवता के रूप में भी मनाया जाता है और साथ ही ज्ञान और बुद्धि के देवता के रूप में पूरे भारत में मनाया जाता है.

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गणेश चतुर्थी कहा मनाई जाता है

खासकर महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात और छत्तीसगढ़, और तमिलनाडु में घर पर हि निजी तौर पर मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी नेपाल में भी मनाया जाता है.

उसी के साथ जहा भारतीय या हिंदुत्व को मानने वाले लोग है जैसे मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, कैरेबियन द्वी के अन्य भागों मे भी और उसी के साथ फिजी, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, ग्रेगोरियन कैलेंडर में गणेश चतुर्थी 22 अगस्त से 20 सितंबर के बीच हर साल आती है.

गणपती मूर्ती कि स्थापना कब से शुरू हुई

गणपती मूर्ती कि स्थापना कब से शुरू हुई

त्यौहार के बारे मे हालांकि एक स्पष्टता नही है कि गणेश चतुर्थी (मूर्ती स्थापना) पहली बार कब कि गयी गई थी, बात तो ये भी है कि यह उत्सव पुणे में शिवाजी महाराज (मराठा साम्राज्य के संस्थापक) के जमाने से सार्वजनिक रूप से मनाया जाता रहा है.

दुसरी बात ये है जो ब्रिटिश राज की शुरुआत के बाद, यह त्योहार भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक द्वारा शुरू किया गया था, जिसमे इसे देश के जन-विरोधी विधानसभा कानून जो सभाओं पर ब्रिटिश सरकार के प्रतिबंध को नाकाम करने के लिये जनउत्सव के रूप किया गया था.

गणेश उत्सव ने राज्य संरक्षण खो दिया और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक लोकमान्य तिलक द्वारा इसके पुनरुद्धार तक महाराष्ट्र में एक निजी पारिवारिक उत्सव बन गया.

Conclusion

हम आशा करते है कि आपको in hindi की कम शब्दो मे गणेश चतुर्थी कि जानकारी अच्छी लगी होगी. जानकारी अच्छी लगी तो अपने दोस्तो और अपने पेहचान वालो के साथ जरूर share करे.

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